जिला परिषद (ZP) चुनावों के दौरान इस बार लोकतंत्र का एक बेहद उत्साहजनक और सकारात्मक रूप देखने को मिला। पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं में खासा जोश और जागरूकता नजर आई। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर युवाओं की लंबी कतारें देखी गईं, जो यह दर्शाती हैं कि नई पीढ़ी अब अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और जिम्मेदारियों को गंभीरता से समझने लगी है।
इस चुनाव को और भी खास बना दिया मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की बेटी द्वारा पहली बार मतदान करने की खबर ने। मुख्यमंत्री की बेटी ने एक आम नागरिक की तरह मतदान केंद्र पहुंचकर कतार में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह दृश्य न सिर्फ चर्चा का विषय बना, बल्कि युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी साबित हुआ कि लोकतंत्र में हर वोट की समान अहमियत होती है, चाहे वह किसी आम व्यक्ति का हो या मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्य का।
पहली बार वोट डालने पहुंचे युवाओं के चेहरों पर उत्साह और गर्व साफ झलक रहा था। कई युवा मतदाताओं ने कहा कि यह उनके जीवन का एक ऐतिहासिक और भावनात्मक पल है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से वे इस दिन का इंतजार कर रहे थे, ताकि अपने क्षेत्र के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
युवाओं का कहना था कि वे शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क, पानी और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों को ध्यान में रखते हुए मतदान कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि आज का युवा केवल भावनाओं में बहकर नहीं, बल्कि सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ मतदान कर रहा है।
मतदान केंद्रों पर सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। चुनाव आयोग और जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की मतदाताओं ने सराहना की। सुरक्षा के कड़े इंतजाम, प्रशिक्षित मतदान कर्मी और सुव्यवस्थित प्रक्रिया के चलते मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
पहली बार वोट करने वाले युवाओं के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। कई मतदान केंद्रों पर “पहली बार वोटर” के लिए विशेष प्रतीक और जागरूकता संदेश लगाए गए थे। कुछ युवाओं ने इस पल को यादगार बनाने के लिए तस्वीरें भी लीं और सोशल मीडिया पर लोकतंत्र के प्रति अपनी भागीदारी साझा की।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की बेटी का पहली बार वोट डालना इस चुनाव की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक रहा। उन्होंने पूरी सादगी के साथ मतदान प्रक्रिया पूरी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सावंत ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि युवाओं की बढ़ती भागीदारी लोकतंत्र के लिए बेहद शुभ संकेत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब युवा अपने मताधिकार का उपयोग करते हैं, तो लोकतंत्र और मजबूत होता है। उन्होंने सभी नागरिकों, खासकर पहली बार वोट करने वालों से अपील की कि वे हर चुनाव में मतदान जरूर करें और जिम्मेदार नागरिक बनें।
प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी पहली बार वोट करने वालों की भारी भागीदारी पर संतोष व्यक्त किया। अधिकारियों के अनुसार, इस बार चलाए गए मतदाता जागरूकता अभियानों का सकारात्मक असर देखने को मिला है। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों द्वारा किए गए कार्यक्रमों ने युवाओं को मतदान के प्रति प्रेरित किया।
अधिकारियों का कहना है कि अगर इसी तरह युवाओं की भागीदारी बढ़ती रही, तो स्थानीय स्वशासन संस्थाएं और अधिक मजबूत होंगी और विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी।
जिला परिषद जैसे स्थानीय निकाय चुनावों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब युवा स्थानीय स्तर पर जागरूक होते हैं, तो वे अपने क्षेत्र की समस्याओं और जरूरतों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। इससे न केवल सही प्रतिनिधियों का चयन होता है, बल्कि प्रशासन पर जनता का भरोसा भी बढ़ता है।










