मडगांव शहर में नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से इंटरनेट केबल बिछाने के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बीती रात कुछ निजी एजेंसियों द्वारा बिना किसी आधिकारिक अनुमति के, अंधेरे का फायदा उठाते हुए शहर के विभिन्न इलाकों में इंटरनेट केबल बिछाने का काम किया गया। जैसे ही इस गैरकानूनी गतिविधि की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची, तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बीती रात देर रात मडगांव के कई प्रमुख इलाकों में चोरी-छिपे इंटरनेट केबल डालने का कार्य किया गया। न तो इसके लिए नगर पालिका से अनुमति ली गई थी और न ही किसी अन्य संबंधित विभाग से आवश्यक एनओसी प्राप्त की गई थी। स्थानीय नागरिकों ने भी संदेह जताते हुए प्रशासन को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
अंधेरे का फायदा उठाकर किए गए इस कार्य से यह स्पष्ट होता है कि संबंधित एजेंसियों को नियमों और कानूनों की पूरी जानकारी होने के बावजूद उन्होंने जानबूझकर इनका उल्लंघन किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आज सुबह ही संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शहर में डाली गई सभी अवैध इंटरनेट केबलों को काटकर हटाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी सार्वजनिक संपत्ति, सड़क, फुटपाथ या बिजली के खंभों पर अवैध रूप से बिछाई गई केबलें पूरी तरह से हटाई जाएं।
इस कार्रवाई के दौरान नगर पालिका, बिजली विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे, ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो।
अधिकारियों ने बताया कि बिना अनुमति के केबल बिछाना केवल प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन ही नहीं है, बल्कि इससे सार्वजनिक सुरक्षा को भी गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। सड़कों के किनारे, फुटपाथों और खंभों पर लटकती अवैध केबलें दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा, यह शहर की सुंदरता और सुव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अव्यवस्थित ढंग से बिछाई गई केबलें बारिश के मौसम में और भी खतरनाक साबित हो सकती हैं, जिससे करंट लगने, आग लगने या यातायात बाधित होने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य करना कानूनन अपराध है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
“बिना अनुमति इंटरनेट केबल बिछाना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। प्रशासन भविष्य में ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि संबंधित एजेंसियों के खिलाफ नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएंगे और आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर में इंटरनेट, केबल टीवी या किसी भी प्रकार की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधा के लिए कार्य करने से पहले संबंधित विभागों से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके लिए नगर पालिका, बिजली विभाग और अन्य आवश्यक एजेंसियों से स्वीकृति प्राप्त करनी होती है।
प्रशासन का कहना है कि यदि कोई एजेंसी या कंपनी विकास कार्य करना चाहती है, तो उसे पारदर्शी प्रक्रिया के तहत आवेदन करना चाहिए, ताकि कार्य व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से किया जा सके।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के कदम की सराहना की है। कई लोगों का कहना है कि शहर में लंबे समय से अवैध केबलों की समस्या बनी हुई थी, जिससे न केवल अव्यवस्था फैल रही थी, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था।
स्थानीय निवासी ने कहा,
“अक्सर रात के समय बिना किसी सूचना के सड़कें खोद दी जाती हैं या खंभों पर केबल लटका दी जाती हैं। प्रशासन की यह कार्रवाई सराहनीय है और इससे भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर रोक लगेगी।”
प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में शहर में डिजिटल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी। विशेष टीमें गठित की जाएंगी जो रात के समय भी गश्त करेंगी, ताकि कोई भी गैरकानूनी गतिविधि समय रहते पकड़ी जा सके।
साथ ही, नगर पालिका और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी अनुमतियों और कार्यों का रिकॉर्ड सख्ती से बनाए रखें।
मडगांव प्रशासन की इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। चाहे वह बड़ी कंपनी हो या कोई निजी एजेंसी, नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है।
प्रशासन ने दोहराया है कि शहर की सुरक्षा, व्यवस्था और सौंदर्य को बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए भविष्य में भी सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।









