अनजुना में अटैच की गई जमीन पर अवैध निर्माण का मामला: ED ने मोबाइल ज़ब्त किया, पुलिस को हटाया

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गोवा के प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र अनजुना (Anjuna) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अटैच की गई भूमि पर कथित रूप से किए गए अवैध निर्माण को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। इस मामले में ED ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति का मोबाइल फोन ज़ब्त किया है और मौके पर तैनात पुलिस बल को हटाने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई न केवल अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि अटैच संपत्तियों पर किसी भी प्रकार की गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रवर्तन निदेशालय ने पहले ही अनजुना क्षेत्र में स्थित एक भूखंड को मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वित्तीय लेन-देन के एक मामले में अटैच किया था। यह भूमि कथित रूप से अपराध से अर्जित संपत्ति (Proceeds of Crime) मानी जा रही है। नियमों के अनुसार, ED द्वारा अटैच की गई किसी भी संपत्ति पर न तो निर्माण किया जा सकता है और न ही किसी प्रकार का व्यावसायिक या निजी उपयोग किया जा सकता है।

इसके बावजूद हाल ही में ED को सूचना मिली कि उक्त अटैच जमीन पर निर्माण गतिविधियां चल रही हैं। शिकायत मिलते ही ED की टीम ने मौके का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान ED अधिकारियों को मौके पर मौजूद कुछ लोगों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जांच के दौरान एक व्यक्ति का मोबाइल फोन ज़ब्त किया गया, जिसमें कथित तौर पर निर्माण से जुड़े फोटो, वीडियो, चैट और कॉल रिकॉर्ड मौजूद हो सकते हैं। ED का मानना है कि मोबाइल से यह पता लगाया जा सकेगा कि निर्माण किसके आदेश पर, किस फंड से और किस उद्देश्य से किया जा रहा था।

सूत्रों के अनुसार, मोबाइल डेटा को डिजिटल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जिससे पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की पहचान हो सके।

इस पूरे घटनाक्रम में एक चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि निर्माण स्थल पर पुलिस की मौजूदगी भी देखी गई। ED अधिकारियों ने जब इसकी वजह पूछी तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद ED ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अटैच संपत्ति पर पुलिस की तैनाती तुरंत हटाई जाए

ED का कहना है कि अटैच संपत्ति की सुरक्षा और निगरानी का अधिकार केवल प्रवर्तन निदेशालय के पास होता है, और किसी भी अन्य एजेंसी की मौजूदगी बिना अनुमति के नियमों का उल्लंघन है।

प्रवर्तन निदेशालय ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अटैच की गई संपत्तियों पर अवैध निर्माण करना गंभीर अपराध है। इससे न केवल जांच प्रभावित होती है, बल्कि यह कानून को खुलेआम चुनौती देने जैसा है। ED अब इस मामले में:

  • अवैध निर्माण से जुड़े लोगों की पहचान

  • फंडिंग के स्रोत की जांच

  • स्थानीय अधिकारियों की भूमिका

  • और संभावित मिलीभगत

इन सभी पहलुओं पर विस्तृत जांच कर रही है।

इस मामले ने स्थानीय प्रशासन और पंचायत व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अटैच जमीन पर निर्माण कैसे शुरू हुआ? अनुमति किसने दी? और निर्माण रोकने में देरी क्यों हुई? इन सवालों के जवाब अब प्रशासन को देने होंगे।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अनजुना जैसे संवेदनशील और पर्यटन-प्रधान इलाके में इस तरह की गतिविधियां पर्यावरण, कानून और सार्वजनिक विश्वास—तीनों के लिए खतरा हैं।

मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि अवैध निर्माणों को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा है। वहीं, कुछ सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ED ने इस कार्रवाई के ज़रिए स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, अटैच संपत्ति पर अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां, पूछताछ और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल ED की जांच जारी है और पूरा गोवा इस केस पर नजर बनाए हुए है।

Goa Khabar Nama
Author: Goa Khabar Nama

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