भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय राजनीति के महान व्यक्तित्व अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से गोवा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वास्को शहर में एक भव्य ‘अटल स्मृति सम्मेलन’ का आयोजन किया। इस सम्मेलन के माध्यम से अटल जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान, उनकी दूरदर्शी राजनीति और मानवीय मूल्यों को याद किया गया।
वास्को में आयोजित इस सम्मेलन में भाजपा के वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का माहौल भावुक, प्रेरणादायक और देशभक्ति से ओत-प्रोत रहा।
अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे एक कवि, विचारक और संवेदनशील मानव थे। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि अटल जी भारतीय राजनीति में शालीनता, संवाद और सहमति की संस्कृति के प्रतीक थे। उन्होंने विपक्ष में रहते हुए भी लोकतंत्र की मर्यादा को बनाए रखा और सत्ता में रहते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा।
कार्यक्रम में अटल जी के प्रसिद्ध भाषणों और कविताओं के अंश प्रस्तुत किए गए, जिससे उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं।
गोवा भाजपा नेताओं ने कहा कि ‘अटल स्मृति सम्मेलन’ का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि देना नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को अटल जी के विचारों से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को अटल जी के जीवन से प्रेरणा लेकर ईमानदारी, राष्ट्रसेवा और समर्पण के मूल्यों को अपनाना चाहिए।
एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा,
“अटल जी की राजनीति सत्ता के लिए नहीं, सेवा के लिए थी। आज जब हम उनके विचारों को याद करते हैं, तो हमें आत्ममंथन करने की आवश्यकता है कि हम उनके आदर्शों पर कितना खरे उतर रहे हैं।”
वास्को में इस सम्मेलन का आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह क्षेत्र सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से गोवा में अहम स्थान रखता है। सम्मेलन के माध्यम से पार्टी ने स्थानीय कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया और संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया।
सम्मेलन के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि उनके नेतृत्व में भारत ने पोखरण परमाणु परीक्षण कर विश्व मंच पर अपनी ताकत का परिचय दिया, साथ ही पड़ोसी देशों से शांति वार्ता की पहल भी की।
सड़क, संचार और बुनियादी ढांचे के विकास में अटल जी की भूमिका को विशेष रूप से याद किया गया। स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना को आज भी देश के विकास की रीढ़ माना जाता है।
अटल स्मृति सम्मेलन ने पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह और गर्व की भावना पैदा की। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि अटल जी जैसे नेता आज की राजनीति में दुर्लभ हैं और उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
युवा कार्यकर्ताओं ने कहा कि अटल जी का जीवन उन्हें राजनीति में सेवा भाव के साथ काम करने की प्रेरणा देता है।
सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें देशभक्ति गीत, कविताएं और नाट्य प्रस्तुतियां शामिल थीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से अटल जी के जीवन, संघर्ष और सिद्धांतों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने अटल बिहारी वाजपेयी को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
गोवा भाजपा ने इस अवसर पर यह संदेश दिया कि अटल जी की विचारधारा आज भी पार्टी की दिशा और दृष्टि का मार्गदर्शन करती है। नेताओं ने कहा कि सुशासन, विकास और राष्ट्रवाद की जो नींव अटल जी ने रखी थी, उसे आगे बढ़ाना ही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, गोवा के अन्य हिस्सों में भी इस तरह के स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अटल जी की विरासत को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जा सके।
वास्को में आयोजित ‘अटल स्मृति सम्मेलन’ केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक विचारधारा का उत्सव था। यह सम्मेलन अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों, उनके आदर्शों और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग को याद करने का एक सशक्त माध्यम बना। गोवा भाजपा का यह आयोजन न केवल अटल जी को श्रद्धांजलि था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास भी।










