पोंडा शहर में लगातार बढ़ती यातायात समस्या को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पोंडा नगर पालिका ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर पालिका ने शहर के विभिन्न इलाकों में 12 पेड पार्किंग (सशुल्क पार्किंग) स्थलों की पहचान की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग को रोकना, ट्रैफिक जाम को कम करना और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना है।
पिछले कुछ वर्षों में पोंडा में वाहनों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है। निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण शहर के प्रमुख मार्गों और व्यावसायिक क्षेत्रों में अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर बाजार क्षेत्रों, मंदिरों के आसपास और सरकारी कार्यालयों के पास ट्रैफिक दबाव अधिक देखने को मिलता है।
नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, जिन 12 स्थानों की पहचान की गई है, वे शहर के भीड़भाड़ वाले और रणनीतिक इलाकों में स्थित हैं। इन स्थानों का चयन इस तरह किया गया है ताकि अधिकतम वाहनों को निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों में खड़ा किया जा सके और सड़कों पर अनावश्यक रुकावट न हो।
इन पेड पार्किंग स्थलों में बाजार क्षेत्र, बस स्टैंड के आसपास, प्रमुख चौराहों और शैक्षणिक संस्थानों के नजदीक के इलाके शामिल हैं। नगर पालिका का कहना है कि इन स्थलों पर व्यवस्थित पार्किंग से यातायात का प्रवाह बेहतर होगा।
नगर पालिका के अनुसार, पेड पार्किंग लागू करने का मुख्य उद्देश्य केवल राजस्व अर्जित करना नहीं है, बल्कि लोगों को अनावश्यक रूप से सड़क पर वाहन खड़ा करने से हतोत्साहित करना भी है। सशुल्क पार्किंग से वाहन चालक सीमित समय के लिए वाहन पार्क करेंगे, जिससे एक ही स्थान पर लंबे समय तक वाहन खड़े रहने की समस्या कम होगी।
इसके साथ ही, पेड पार्किंग व्यवस्था से नगर पालिका को अतिरिक्त आय भी होगी, जिसका उपयोग शहर की बुनियादी सुविधाओं और यातायात सुधार योजनाओं में किया जाएगा।
पोंडा शहर लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में मुख्य सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े वाहन स्थिति को और खराब कर देते हैं।
नगर पालिका का मानना है कि निर्धारित पेड पार्किंग स्थलों के शुरू होने से सड़कें अधिक खुली रहेंगी और वाहनों की आवाजाही में सुधार होगा। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि प्रदूषण में भी कमी आएगी।
इस फैसले पर स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कुछ व्यापारियों का मानना है कि पेड पार्किंग से ग्राहकों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में इससे बाजार में भीड़ नियंत्रण और सुगम आवागमन में मदद मिलेगी।
वहीं, कई नागरिकों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अगर पार्किंग व्यवस्था व्यवस्थित होगी तो शहर में वाहन चलाना आसान हो जाएगा और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।
नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि पेड पार्किंग लागू होने के बाद नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों के बाहर वाहन खड़ा करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम निगरानी करेगी।
इसके अलावा, पेड पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे, उचित संकेतक बोर्ड और कर्मचारियों की तैनाती की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि व्यवस्था पारदर्शी और प्रभावी बनी रहे।
नगर पालिका आधुनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पेड पार्किंग में डिजिटल भुगतान विकल्प भी उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। वाहन चालक नकद के अलावा यूपीआई, कार्ड और मोबाइल ऐप के जरिए भुगतान कर सकेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को सुविधा मिलेगी।
नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जा रही है। यदि यह सफल रहती है, तो भविष्य में शहर के अन्य हिस्सों में भी पेड पार्किंग स्थलों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
इसके साथ ही, मल्टी-लेवल पार्किंग और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि पोंडा को एक व्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जा सके।
पोंडा नगर पालिका द्वारा 12 पेड पार्किंग स्थलों की पहचान एक सकारात्मक और समयानुकूल कदम माना जा रहा है। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो इससे न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। नागरिकों और प्रशासन के सहयोग से यह योजना पोंडा शहर के लिए एक नई दिशा साबित हो सकती है।










