कोरजुएम किले का पुनर्स्थापन कार्य मार्च 2026 तक होगा पूरा, गोवा की ऐतिहासिक धरोहर को मिलेगा नया जीवन

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गोवा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को संजोए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत कोरजुएम किले (Corjuem Fort) के पुनर्स्थापन (Restoration) कार्य को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह किला न केवल गोवा की सैन्य विरासत का प्रतीक है, बल्कि राज्य के पर्यटन मानचित्र पर भी एक अहम स्थान रखता है। सरकार और पुरातत्व विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह प्रोजेक्ट किले की संरचनात्मक मजबूती, ऐतिहासिक स्वरूप और पर्यटक सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

कोरजुएम किला गोवा के उत्तर-पूर्वी हिस्से में, मांडोवी नदी के किनारे स्थित है। यह किला पुर्तगाली शासनकाल के दौरान निर्मित हुआ था और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता था। इस किले से आसपास के क्षेत्रों पर निगरानी रखी जाती थी और यह तत्कालीन सैन्य गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र था। समय के साथ-साथ प्राकृतिक क्षरण, मौसम की मार और रखरखाव की कमी के कारण किले की स्थिति कमजोर होती चली गई।

पिछले कुछ वर्षों में यह महसूस किया गया कि यदि समय रहते संरक्षण के प्रयास नहीं किए गए, तो यह ऐतिहासिक धरोहर अपूरणीय क्षति का शिकार हो सकती है। दीवारों में दरारें, पत्थरों का खिसकना, आंतरिक संरचनाओं की जर्जर हालत और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं सामने आईं। इन्हीं कारणों से सरकार ने कोरजुएम किले के व्यापक पुनर्स्थापन का निर्णय लिया।

अधिकारियों के अनुसार, पुनर्स्थापन कार्य को चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है और इसका उद्देश्य मार्च 2026 तक सभी प्रमुख कार्यों को पूरा करना है। इस परियोजना में संरचनात्मक मरम्मत, मूल वास्तुकला का संरक्षण, क्षतिग्रस्त हिस्सों का पुनर्निर्माण और आधुनिक सुरक्षा मानकों को शामिल किया गया है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पुनर्स्थापन के दौरान किले की ऐतिहासिक पहचान और प्रामाणिकता से कोई समझौता न हो।

इस परियोजना के तहत किले की बाहरी और आंतरिक दीवारों को मजबूत किया जाएगा, पत्थरों की मरम्मत की जाएगी और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था की जाएगी ताकि भविष्य में बारिश से होने वाले नुकसान को रोका जा सके। इसके साथ ही किले के भीतर मौजूद मार्गों, सीढ़ियों और खुले हिस्सों को सुरक्षित बनाया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए संकेतक बोर्ड, जानकारी पट्ट और सीमित बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

कोरजुएम किले का पुनर्स्थापन पूरा होने के बाद यह गोवा आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए एक और आकर्षण का केंद्र बनेगा। गोवा को आमतौर पर समुद्र तटों के लिए जाना जाता है, लेकिन राज्य की ऐतिहासिक धरोहरें भी पर्यटन की दृष्टि से उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। किले के संरक्षण से विरासत पर्यटन (Heritage Tourism) को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।

स्थानीय निवासियों और इतिहास प्रेमियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि कोरजुएम किला केवल एक इमारत नहीं, बल्कि गोवा के इतिहास की जीवंत गवाही है। लंबे समय से इसकी मरम्मत की मांग की जा रही थी। लोगों को उम्मीद है कि पुनर्स्थापन के बाद किले को बेहतर तरीके से संरक्षित किया जाएगा और इसे शैक्षणिक व सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी उपयोग में लाया जा सकेगा।

इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। निर्माण, संरक्षण और रखरखाव से जुड़े कार्यों में स्थानीय श्रमिकों और विशेषज्ञों को अवसर मिल रहा है। इसके अलावा, किले के पुनर्स्थापन के बाद आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन से जुड़े छोटे व्यवसायों—जैसे गाइड सेवाएं, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद—को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना में संरक्षण और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाए रखा जा रहा है। जहां एक ओर किले की ऐतिहासिक संरचना को यथासंभव मूल रूप में संरक्षित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए आधुनिक उपाय भी अपनाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों की देखरेख में काम किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की ऐतिहासिक छेड़छाड़ न हो।

पुनर्स्थापन कार्य पूरा होने के बाद किले के नियमित रखरखाव के लिए एक दीर्घकालिक योजना भी तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाले वर्षों में किला फिर से जर्जर स्थिति में न पहुंचे। समय-समय पर निरीक्षण, मरम्मत और संरक्षण गतिविधियां की जाएंगी।

कोरजुएम किले का पुनर्स्थापन मार्च 2026 तक पूरा करने की योजना गोवा की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। यह न केवल इतिहास को संजोने का काम करेगा, बल्कि पर्यटन, स्थानीय विकास और सांस्कृतिक जागरूकता को भी बढ़ावा देगा। यदि यह परियोजना निर्धारित समय और गुणवत्ता के साथ पूरी होती है, तो कोरजुएम किला आने वाली पीढ़ियों के लिए भी गर्व का प्रतीक बना रहेगा।

Goa Khabar Nama
Author: Goa Khabar Nama

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