गोवा में ₹890 करोड़ की स्मार्ट मीटर परियोजना को मंजूरी, उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा कोई अतिरिक्त बोझ

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गोवा सरकार ने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक ऐतिहासिक और तकनीकी रूप से उन्नत कदम उठाते हुए ₹890 करोड़ की स्मार्ट मीटर परियोजना (Smart Meter Project) को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका सीधा कोई भी खर्च आम उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। सरकार का दावा है कि यह योजना बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता-अनुकूल बनाएगी।

स्मार्ट मीटर एक डिजिटल और अत्याधुनिक बिजली मीटर होता है, जो रीयल-टाइम में बिजली की खपत का डेटा रिकॉर्ड करता है और उसे सीधे बिजली विभाग तक भेजता है। पारंपरिक मीटरों के विपरीत, इसमें मैन्युअल रीडिंग की आवश्यकता नहीं होती। इससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि बिलिंग में होने वाली गलतियों पर भी पूरी तरह अंकुश लगता है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस परियोजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार की योजनाओं और ऊर्जा दक्षता कार्यक्रमों के तहत वहन किया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ताओं से कोई अतिरिक्त शुल्क, सिक्योरिटी डिपॉजिट या मासिक चार्ज नहीं लिया जाएगा
गोवा सरकार का कहना है कि यह परियोजना दीर्घकालिक निवेश है, जिससे बिजली चोरी में कमी आएगी और राजस्व बढ़ेगा।

इस स्मार्ट मीटर परियोजना के अंतर्गत गोवा के लगभग सभी घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक बिजली उपभोक्ताओं को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। शुरुआत शहरी क्षेत्रों से होगी और उसके बाद ग्रामीण इलाकों को कवर किया जाएगा।

यह परियोजना गोवा सरकार के डिजिटल गोवा और ई-गवर्नेंस विजन का अहम हिस्सा है। स्मार्ट मीटर से डेटा एनालिटिक्स संभव होगा, जिससे बिजली आपूर्ति की बेहतर योजना बनाई जा सकेगी। इससे पीक टाइम में लोड मैनेजमेंट और ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

राज्य सरकार के अनुसार, स्मार्ट मीटर लगाने से बिजली विभाग की कार्यक्षमता में सुधार होगा और उपभोक्ता-विभाग संबंध अधिक पारदर्शी बनेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी उपभोक्ता की सहमति और जागरूकता के बिना जबरदस्ती मीटर नहीं बदले जाएंगे। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

जहां सरकार इस परियोजना को भविष्य की जरूरत बता रही है, वहीं कुछ संगठनों ने डेटा प्राइवेसी और तकनीकी खामियों को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, सरकार ने आश्वासन दिया है कि डेटा सुरक्षा के सभी राष्ट्रीय मानकों का पालन किया जाएगा और उपभोक्ताओं की निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

स्मार्ट मीटर से ऊर्जा की बर्बादी कम होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। यह परियोजना न केवल आर्थिक बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी फायदेमंद मानी जा रही है।

₹890 करोड़ की स्मार्ट मीटर परियोजना गोवा के ऊर्जा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव साबित हो सकती है। बिना किसी अतिरिक्त लागत के उपभोक्ताओं को आधुनिक सुविधा देना सरकार की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यदि यह परियोजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो गोवा देश के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल स्टेट बन सकता है।

Goa Khabar Nama
Author: Goa Khabar Nama

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