“जमीनी हकीकत पर पकड़ बनाइए, सिर्फ तकनीक नहीं: मुख्यमंत्री का पुलिस को सख्त संदेश”

राज्य की कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने हाल ही में पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आज के दौर में तकनीकी साधनों का महत्व तो बढ़ा है, लेकिन सुरक्षा और खुफिया व्यवस्था की असली रीढ़ जमीन पर मौजूद पुलिसकर्मी और उनकी नेटवर्किंग है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अगर पुलिस केवल तकनीक पर निर्भर होकर काम करेगी, तो अपराधियों के नए तरीके और स्थानीय परिस्थितियाँ कई बार नज़रअंदाज़ रह जाएँगी। इसलिए जमीनी स्तर की जानकारी, मानव खुफिया (Human Intelligence), और स्थानीय स्तर पर बनाए गए स्रोतों की सक्रियता सबसे आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सुरक्षा तभी मज़बूत होगी जब पुलिस अपने क्षेत्र में होने वाली हर गतिविधि पर करीब से नज़र रखेगी। उन्होंने पुराने समय को याद दिलाते हुए कहा कि जब आधुनिक तकनीक नहीं थी, तब भी पुलिस सिर्फ अपने जमीनी नेटवर्क और लोगों से जुड़े रहने की क्षमता के दम पर बड़े से बड़ा अपराध सुलझा लेती थी। इसलिए तकनीक को सहायक के रूप में इस्तेमाल किया जाए, लेकिन निर्णय हमेशा स्थानीय जानकारी के आधार पर हो।

बैठक के दौरान उन्होंने पुलिस को यह भी हिदायत दी कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे लोगों का नेटवर्क विकसित करें जो स्थानीय परिस्थितियों, मोहल्लों की गतिविधियों और संदिग्ध घटनाओं की सही जानकारी समय पर दे सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी कैमरे, डिजिटल ट्रैकिंग और डेटा एनालिसिस अपराधियों को पकड़ने में मददगार जरूर हैं, लेकिन अपराध रोकने के लिए जरूरी है कि पुलिस के पास “पहले से चेतावनी देने वाला जमीनी तंत्र” मौजूद हो।

सीएम ने आगे कहा कि कई बार यह देखा गया है कि किसी क्षेत्र में अपराध बढ़ने के पीछे स्थानीय विवाद, पुराने झगड़े, या व्यक्तिगत दुश्मनियाँ जिम्मेदार होती हैं—ऐसी चीजें कैमरों में नहीं दिखतीं, लेकिन क्षेत्र में मौजूद पुलिसकर्मी और उनका खुफिया नेटवर्क इन बातों को पहचान सकता है। इसलिए प्रत्येक थाने को अपने इलाके के लोगों से जुड़े रहने, नियमित पैदल गश्त करने, और स्थानीय संवेदनशील जगहों की निरंतर निगरानी का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने अफसरों को यह भी समझाया कि तकनीक पर अधिक निर्भरता ऑफिस-आधारित policing को बढ़ाती है, जबकि अच्छी policing हमेशा फील्ड में जाकर लोगों से बात करने और उन्हें समझने से होती है। मुख्यमंत्री ने कहा:

“पब्लिक की नब्ज़ हाथ में होगी तो अपराध कभी पनप नहीं पाएंगे। तकनीक को सहायक की तरह रखें, लेकिन जमीनी जानकारी होगी तो ही आप अपराध रोक पाएंगे।”

बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अपराध रोकथाम में Beat System यानी बीट पुलिसिंग को फिर से मजबूत करने की जरूरत है। हर पुलिसकर्मी को अपने क्षेत्र के हर घर, दुकानदार, स्थानीय नेताओं, स्कूलों और संवेदनशील स्थलों की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए। इससे न सिर्फ अपराधों पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि समाज में पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि थानों में आने वाली शिकायतों का विश्लेषण केवल डिजिटल रिकॉर्ड तक सीमित न रहे, बल्कि क्षेत्र के पुलिसकर्मियों से भी इन मामलों की सामाजिक पृष्ठभूमि समझी जाए। कई अपराध ऐसे होते हैं जो छेड़छाड़ या किसी छोटी घटना से शुरू होकर बाद में बड़े अपराध का स्वरूप ले लेते हैं। अगर पुलिस पहले ही सही जानकारी जुटा ले, तो ऐसे अपराधों को शुरुआत में ही रोक दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने पुलिस को यह भी कहा कि वे उन जगहों पर विशेष नजर रखें जहाँ युवा गलत रास्तों की ओर बढ़ सकते हैं—जैसे नशे के अड्डे, अपराध प्रवृत्ति वाले समूह, या ऐसी गतिविधियाँ जहाँ अवैध कारोबार पनप सकता है। उन्होंने कहा कि तकनीक से आप ट्रैक कर सकते हैं, लेकिन असली समझ तभी आती है जब पुलिस जमीन पर जाकर स्थिति को खुद देखती है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कई राज्यों और देशों में अपराध रोकने के लिए community policing का उपयोग किया जाता है। इसमें स्थानीय लोगों को सुरक्षा का साझेदार बनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने विभाग को इस दिशा में भी काम करने के निर्देश दिए, जिससे लोग खुलकर पुलिस से सहयोग कर सकें।

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सुरक्षा सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि लोगों के सहयोग से ही मजबूत होती है। लेकिन लोगों का विश्वास तभी बनेगा जब पुलिस जमीन से जुड़कर काम करेगी और उनकी बात सुनेगी। इसलिए आने वाले दिनों में पुलिस विभाग की कार्यशैली को तकनीक और जमीनी हकीकत, दोनों का संतुलित उपयोग करते हुए और ज्यादा प्रभावी और संवेदनशील बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार आधुनिक तकनीक, उपकरणों और प्रशिक्षण के लिए बजट बढ़ाएगी, लेकिन साथ ही पुलिस से अपेक्षा की कि वे अपनी “इंटेलिजेंस ग्राउंड टीम” को सबसे मजबूत बनाएं, क्योंकि यही किसी भी राज्य की सुरक्षा का आधार है।

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Author: Goa Khabar Nama